गर्दन की मालिश कैसे करें?HealthPlanet

Posted on Fri 16th Dec 2022 : 11:56

अपने साथी को एक आरामदायक स्थिति में बिठाएं:[२] सबसे जरुरी बात यह है कि इस स्थिति में उसकी पीठ आरामदायक रूप से सीधी रह सकती है और आप आसानी से उसके कन्धों और पीठ के ऊपरी हिस्सों तक पहुँच सकते हैं |

एक स्टूल का उपयोग करें जिससे आप उसकी पीठ तक अच्छी तरह से पहुँच बना सकें |
अगर आप एक कुर्सी का उपयोग कर रहे हों तो ध्यान रखें कि कुर्सी का पिछला हिस्सा पर्याप्त रूप से नीचा हो जिससे आप अपने साथी के कन्धों के पिछले हिस्से तक पहुँच सकें |
अगर आपके पास कोई उचित कुर्सी या स्टूल न हो तो जमीन पर एक आरामदायक तकिया रखें | अपने साथी को उस पर पालथी बनाकर (cross—legged) बैठने को कहें और आप उसके पीछे अपने घुटनों के बल बैठें |


हलके, लम्बे स्ट्रोक्स का उपयोग करें: [३] जब हम मसाज के बारे में सोचते हैं तो तुरंत हमारे दिमाग में स्वीडिश मसाज का ख्याल आने लगता है | इसमें तीव्र दबाव की स्टाइल वाली डीप टिश्यू मसाज के समान मसाज नहीं की जाती बल्कि मांसपेशियों की सतह पर धीमी और लम्बी गति का उपयोग किया जाता है |

अगर आपको कहीं खिंचाव वाली गांठें मिलें तो आप वहां फोकस्ड प्रेशर (focused pressure) लगा सकते हैं |
अधिकतर हिस्सों के लिए दबाव सख्त रखें, लेकिन तीव्र नहीं |



मांसपेशियों को वार्म अप करें: तीव्र मसाज करने से पहले मांसपेशियों को वार्म अप न करने से आपके साथी को आपके स्पर्श करने से अधिक खिंचाव हो सकता है | अपनी अँगुलियों के पोरों का उपयोग करते हुए मांसपेशियों को ढीला करके राहत दें और गर्दन और कन्धों को मसाज के लिए तैयार करें | इससे उसे रिलैक्स होने की अनुभूति होगी |

अपने साथी के सिर के बेस पर जहाँ सिर गर्दन से जुड़ा होता है, अपनी अनामिका (ring finger), मध्यमा और तर्जनी की पोरों को रखें | हल्का लेकिन थोडा सख्त दबाव डालें |
अगर इससे असुविधा हो तो आपको जिस अंगुली से अच्छा अनुभव हो, उसे उपयोग करें | आप चाहें तो सिर्फ तर्जनी और मध्यमा का उपयोग भी कर सकते हैं |
अपनी अँगुलियों को गर्दन की साइड्स से नीचे खिसकाते हुए कन्धों पर लायें |



खिंचाव युक्त मांसपेशियों को अपने अंगूठों से गूंथें (kneading): पहले के स्टेप में, आपको मांसपेशियों में कुछ कठिन गांठें अनुभव हो सकती हैं | ये गांठें खिंचाव या तनाव को दर्शाती हैं और इन पर अपने अंगूठे से फोकस्ड प्रेशर लगाने की जरूरत होती है |

खिंचाव युक्त गांठों पर अपने अंगूठे रखें |
दबाव डालते समय अपने साथी के कंधे को स्थिर रखने के लिए अपने दोनों हाथों की अन्य चारों अँगुलियों को साथी के कंधे पर सामने की ओर रखें |
मांसपेशियों के खिंचाव को दूर करने के लिए अपने अंगूठे से गोलाकार गति में घुमाते हुए गूंथने के द्वारा (kneading) सख्त दबाव डालें |
ऐसा पूरे कंधे की मांसपेशियों पर करें, लेकिन विशेषरूप से खिंचाव वाली गांठों पर |


गर्दन पर अपनी अँगुलियों को ऊपर और नीचे खिसकाएँ: इससे गर्दन की साइड्स और पीठ की मांसपेशियों की अच्छी मालिश हो जाती है | आप अधिक ध्यान देने के लिए, गर्दन की मांसपेशियों को वार्मअप करने के लिए एक हाथ का उपयोग भी कर सकते हैं |

गर्दन की एक साइड अपने अंगूठे को रखें और गर्दन की दूसरी साइड पर अपनी चारों अँगुलियों के सिरों को रखें |
सख्त दबाव को बनायें रखें लेकिन धीमे दबाव के साथ |
गर्दन की लम्बाई के अनुसार अपने हाथों को ऊपर और नीचे सरकाएं |
गर्दन की चौड़ाई की ओर भी जाएँ | गर्दन के पिछले हिस्से पर स्पाइनल कॉलम के दोनों ओर हाथों को सरकाएं | इसी प्रकार गर्दन के साइड्स पर उपस्थित मांसपेशियों को ढीला करने के लिए अपने हाथों को फैलाएं |


गर्दन के पिछले हिस्से को पिंच (pinch) करें:[४] आपको अपने अंगूठे से गर्दन पर एकसमान फोकस्ड प्रेशर लगाना चाहिए, लेकिन अंगूठे के द्वारा लगाये जाने वाले दबाव को स्थिर करने के लिए आपको बांकी चार अँगुलियों की ज़रूरत होती है | अगर आप अपने दोनों हाथों का एकसाथ उपयोग करते हुए उसके गले के सामने अपनी अँगुलियों को एक-दूसरे में फंसाकर दबाव लगायेंगे तो आपके साथी को दर्द और असुविधा होगी इसलिए इसकी बजाय एक बार में एक हाथ का उपयोग करें |

उसके पीछे और थोडा उसकी दाहिनी ओर खड़े हों |
अपने बांयें हाथ के अंगूठे को उसकी गर्दन के दाहिनी ओर रखें |
अपने अंगूठे के दबाव को स्थिर करने के लिए अपनी चारों अँगुलियों को चारों ओर से उसकी गर्दन के बांये हिस्से पर लपेटें |
जैसा कि आपने कंधे के साथ किया था, उसी प्रकार गर्दन की पूरी लम्बाई में अपने अंगूठे से गोलाकार गति में ऊपर और नीचे लाते हुए गूंथें |
जहाँ भी गाँठ अनुभव हों, उस स्थानों पर फोकस करें |
जब आप अपने साथी की गर्दन के दाहिने हिस्से पर मालिश कर चुकें, तब उसके पीछे और थोड़ी बांयी ओर मुड़ें | अब उसकी गर्दन के बांये हिस्से पर अपने दाहिने अंगूठे से इसी प्रक्रिया को दोहराएँ |


गर्दन की साइड्स से अपने हाथों को नीचे की ओर खिसकाएँ: अपने साथी के गले को परेशान किये बगैर गर्दन की साइड्स की मालिश करना मुश्किल हो सकता है | ऐसा करने के लिए, आपको अपने हाथों को गर्दन के ऊपरी सिरे से कंधे के सामने के भाग तक नीचे की ओर गति कराते हुए खिसकाना होगा | उसके शरीर के बांयें हिस्से से शुरुआत करें |

उसे स्थिर रखने के लिए अपना बांया हाथ उसके बांये कंधे पर रखें |
आपके दायें हाथ की अंगुलियाँ नीचे की ओर हों और अपना अंगूठा गर्दन के पिछले हिस्से पर रखें और बांकी की अँगुलियों को उसकी साइड में रखें |
दबाव डालते हुए अपने हाथों को नीचे की ओर सरकाएं |
गति के अंत में, आपका अंगूठा कंधे के पीछे होना चाहिए और आपकी अन्य अंगुलियाँ कंधे के सामने की ओर होना चाहिये |
कहीं भी खिंचाव अनुभव होने पर अपनी अँगुलियों से उस स्थान को गूंथें (knead) |


कंधे के नुकीले हिस्सों से बाहर की ओर दबाव डालें: कन्धों के नुकीले हिस्सों को अपनी अँगुलियों के पोरों से दबायें और सख्त दबाव लगायें | अपने हाथों को गोलाकार गति में घुमाते हुए, पीठ के ऊपरी हिस्से में उपस्थित मांसपेशियों से खिंचाव को गूंथते (kneading motion) हुए दूर करें |

उसके कंधे की ब्लेड्स (shoulder blades) के बीच अपनी हथेलियों के उठे हुए हिस्से का उपयोग करें: चूँकि रीढ़, पीठ के मध्य भाग में होती है इसलिए इस जगह की मालिश करना मुश्किल होता है | स्पाइन या रीढ़ पर फोकस प्रेशर डालने से दर्द होगा | इसलिए इसकी बजाय, अपनी हथेलियों से विस्तृत दबाव डालें |

थोडा खिसकें जिससे आप अपने साथी की साइड में खड़े हो पायें |
उसे स्थिर रखने के लिए अपने एक हाथ को उसके कंधे के सामने रखें |
उसकी कन्धों के नुकीले हिस्सों (shoulder blades) के बीच अपनी हथेली का उठा हुआ हिस्सा रखें |
एक कंधे के नुकीले हिस्से से दूसरे कंधे के नुकीले हिस्से तक सख्त दबाव में लम्बे और सावधानी पूर्वक स्ट्रोक लगते रहें |


हंसली (collorbone) के बिलकुल अंदर की ओर मालिश करें: हालाँकि, अधिकतर मालिश का फोकस कन्धों, गर्दन, और पीठ के ऊपरी हिस्से पर होता है, लेकिन थोडा ध्यान छाती के ऊपरी हिस्से पर देने से गर्दन के दर्द में राहत पायी जा सकती है |

अपने साथी की साइड में खड़े हो जाएँ, और उसे स्थिर रखने के लिए अपने हाथ उसी पीठ पर रखें |
उसकी हंसली के अंदर की ओर अपनी अँगुलियों के पोरों से गोलाकार गति में सख्त मालिश करें |
ध्यान रहे कि उसकी हड्डी पर दबाव न पड़े अन्यथा उसे दर्द होगा |


ऊपरी भुजा की मसाज करें: हालाँकि, भुजाओं का, गर्दन और कंधे में अनुभव किये जा रहे खिंचाव से कोई सम्बन्ध नज़र नहीं आता, लेकिन ऐसा नहीं है | भुजाओं, कन्धों और गर्दन की मांसपेशियां एक साथ काम करके ही भुजा को गति देती हैं | इसलिए, ऊपरी भुजा के खिंचाव को कम करने से भी गर्दन को लाभ मिलेगा |

अपने हाथों को उसके कन्धों पर रखें, धीरे-धीरे लेकिन सख्त दबाव डालें |
इस प्रेशर को बनाये रखें, अपने हाथों को उसके कन्धों से नीचे की ओर उसकी ऊपरी भुजाओं पर ले जाएँ और फिर से वापस लायें | इसे थोड़ी देर तक दोहराते रहें |
ऊपरी भुजाओं को ऊपर और नीचे मलें, उन मांसपेशियों को ढीला छोड़ दें |


इन गतियों के चक्र को बिना किसी पैटर्न के दोहराएँ: अगर आप मालिश करने की गति में किसी एक हिस्से पर लम्बे समय तक फोकस करेंगे तो आपके साथी को उस स्थान पर दर्द होने लगेगा | अपने हाथों की गति में भिन्नता लाते हुए एक मांसपेशीय समूह से दूसरे मांसपेशीय समूह तक जाएँ जिससे आपके साथी को अधिक सुख अनुभव हो | जितना कम सेंसेशन वो अनुभव करेगा, समझ लीजिये कि मसाज उतनी ही बेहतरीन हो रही है |

कन्धों, गर्दन, पीठ और भुजाओं की मांसपेशियां एक-दूसरे से जुडी हुई होती हैं | इसलिए कुछ पीड़ायुक्त मांसपेशियों की बजाय विस्तृत स्थान की मांसपेशियों पर ध्यान देने से आप उसकी मांसपेशियों का दर्द, ज्यादा अच्छी तरह से कम कर सकते हैं |



अपने हाथ के सभी हिस्सों का उपयोग करें: कई नौसिखिये मसाजर मालिश करते समय विशेषरूप से अपने अंगूठों का उपयोग करते हैं जबकि अंगूठे का प्रयोग फोकस्ड प्रेशर के लिए सबसे अच्छा होता है लेकिन इसके अधिक उपयोग से आपको दर्द और परेशानी हो सकती है | इसकी बजाय, मालिश देते समय अपने हाथ के सभी हिस्सों का उपयोग करें | अपने अंगूठे का उपयोग गांठों को खोलने के लिए फोकस्ड प्रेशर के रूप में करें |

स्किन के बड़े हिस्सों और मांसपेशियों पर सख्त दबाव डालने के लिए अपनी हथेली का उपयोग करें |
अधिक हलके दबाव के लिए अपनी अँगुलियों के पोरों का उपयोग करें |
विशेषरूप से टाइट मांसपेशियों पर अपनी अँगुलियों की गांठों का उपयोग करें |

अपने साथी की हड्डियों की मालिश न करें: हड्डियों पर, विशेषरूप से रीढ़ की हड्डी पर दबाव डालने से दर्द हो सकता है | दबाव केवल मांसपेशियों पर ही डालें |

आवश्यकता के अनुसार इसे जारी रखें: केवल लम्बे समय तक की गयी मालिश ही प्रभावी नहीं होती, बल्कि जल्दी से पांच मिनट में की गयी मालिश से भी बहुत फर्क पड़ सकता है |लेकिन, आधे घंटे तक की गयी मालिश उसे सुकून देगी |

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wordpress 3 years ago 5 Answer
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